RAMESH KANWAL
The poet of love
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2025 की ग़ज़लें
रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लों का पिटारा
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2025 की ग़ज़लें
Hindi Shayari Collection
#1
अना का अपनी सौदा क्यों करें हम
#2
अपनापन स्वीकार करो
#3
अपने आँसू को बहाकर न कहानी देना- रमेश 'कँवल'
#4
अपने लोगों को अजनबी कहना- रमेश 'कँवल'
#5
अब सफ़र में मज़ा आ रहा है - रमेश 'कँवल'
#6
अब्र ने ग़ुस्सा दिखाया देर तक - रमेश 'कँवल'
#7
आइए बैठिए- रमेश कँवल
#8
आप ख़्वाबों में जगमगाने लगे - रमेश 'कँवल'
#9
आप जब साथ साथ चलते हैं - रमेश 'कँवल'
#10
आप बतलाइए यह बात ज़माने भर से - रमेश 'कँवल'
#11
आप से जब मन मिला है - रमेश 'कँवल'
#12
आपकी बातों में आ गए- रमेश 'कँवल'
#13
आपके हुस्न के गीत गाऊंगा मैं
#14
आस्था की हसीं नदी से मिले - रमेश 'कँवल'
#15
इस इश्क़ से नसीला कोई नशा नहीं है
#16
उजाले को वापस बुलाना पड़ेगा - रमेश 'कँवल'
#17
उलझनों में निखर रहा है कौन- रमेश 'कँवल'
#18
उसका ग़म उसका है उल्लास हमारा क्या है - रमेश 'कँवल'
#19
उसके होंठों पे ताज़गी है अभी - 'रमेश 'कँवल'
#20
कहाँ तक जियें हम वफ़ा करते करते-रमेश 'कँवल'
#21
क़ह्र ढायेगी बेबसी कब तक - रमेश 'कँवल'
#22
ख़ुश रहें आप हमारा क्या है - रमेश 'कँवल'
#23
ग़लतफ़हमी की तीली ने जलाया
#24
चले आओ , न अब जाओ - रमेश 'कँवल'
#25
छत पे सोलर टॉप पैनल अब लगाना चाहिए
#26
जब उसूलों की रहबरी होगी - रमेश 'कँवल'
#27
जब नज़र कोई रूपसी आई - रमेश 'कँवल'
#28
जब मिलाता है मेरा हाथ दबाता क्यों है - रमेश 'कँवल'
#29
ज़िन्दगी जीने की जसारत हो
#30
जिसकी आँखों में ख्वाब होता है - रमेश 'कँवल'
#31
जेब में पैसे नहीं,इक ख्वाब है - रमेश कँवल
#32
जो लोग थे ग़रीब दवा को तरस गए
#33
जो वादों का उनके ठिकाना नहीं है- रमेश 'कँवल'
#34
जो है संघर्ष सदियों का संजोने का जतन रखना
#35
तुझे पाने की ज़िद में मुबतला हूं - रमेश 'कॅंवल'
#36
तुम तो ऊला पुर मआनी हो गये
#37
थोड़ी ख़ुशी, क्यों बेसी ग़म- रमेश 'कँवल'
#38
दिल की धड़कन पे एतबार किया - रमेश 'कँवल'
#39
दिल के तहख़ाने से सुख का आसमाँ ले जाएगा - रमेश 'कँवल'
#40
दिल के रुतबे में कमी अच्छी नहीं
#41
दूर जाकर न जा सकी फिर से - रमेश 'कँवल'
#42
धूप में जिस्म कम जलाया कर - रमेश 'कँवल'
#43
पत्थरों को हुस्ने-आज़र दे दिया - रमेश 'कँवल'
#44
पराए गीत भी अपना बताए जाते हैं - रमेश 'कँवल'
#45
पूछ लीजे न इस ज़माने से - रमेश 'कँवल'
#46
पैरहन वादों के लहराए बहुत - रमेश 'कँवल'
#47
फिर दशहरा की खुशी देश पे छाने आई - रमेश कँवल
#48
बे मक़ासिद ज़िंदगी अच्छी नहीं
#49
मस्त आंखों के जाम होली में
#50
मुझे तूने ईश्वर, बहुत कुछ दिया है
#51
मुझे मरने में दुश्वारी नहीं है- रमेश 'कँवल'
#52
मुश्किलों में भी मुस्कुराना है - रमेश 'कँवल'
#53
मुश्किलों में सँवर गया कब का - रमेश 'कँवल'
#54
मुस्कुराने का हुनर हर दिल को आना चाहिए- रमेश 'कँवल'
#55
मेरी उस से कभी बनी ही नहीं- रमेश 'कँवल'
#56
मेरी क़ुर्बत की चाहत कर रहे हो - रमेश 'कँवल'
#57
मेरे दिल में हमेशा से बसी है - रमेश 'कँवल'
#58
रहबरों की मस्तियाँ - रमेश 'कँवल'
#59
लब के पोशाक जो रँगीले हैं- रमेश 'कँवल'
#60
लम्स पाँवों का बिछा था रेत पर - रमेश 'कँवल'
#61
वफ़ा के गीत मैं गाता रहूँगा- रमेश 'कँवल'
#62
समय के साथ चल कर देखना था - रमेश 'कँवल'
#63
हमसफ़र मेरा जब से रूठ गया- रमेश 'कँवल'
#64
हमारी तुम्हारी कहानी रहेगी - रमेश 'कँवल'
#65
हमें क़र्ज़ ग़म के चुकाने बहुत हैं - रमेश 'कँवल'
#66
ग़रीबी ने जब तक निहारा नहीं- रमेश 'कँवल'
#67
ज़िन्दगी भर की खुमारी जा रही है- रमेश कँवल