#ग़ज़ल2025@रमेश ‘कँवल’35
जिसकी आँखों में ख़्वाब होता है
शख़्स वह कामयाब होता है
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
हुस्न भी लाजवाब होता है
काम तदबीर से भी जब न चले
फिर मुक़द्दर ख़राब होता है
हर वरक़ में छुपी गुलों की महक
हर सफ़हे में गुलाब होता है
मौत आती है इश्क़ वालों की
हुस्न जब बे-नक़ाब होता है
पढ़ने - लिखने से ही नहीं होता
खेल से भी नवाब होता है
दिलनशीं आपकी ग़ज़ल है 'कँवल'
शे'र क्या लाजवाब होता है
सृजन 10 मई,2025
फ़ाइलातुन मफ़ाइलुन फ़ेलुन
212 2 1212 22
फ़ेसबुक पर 11 मई, 2025 को पोस्टेड