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ख़ुश रहें आप हमारा क्या है - रमेश 'कँवल'

2025 की ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल2025@रमेश ‘कँवल’28
ख़ुश रहें आप हमारा क्या है।
मन हो निष्पाप हमारा क्या है
अब्र आये हैं यहां काफ़ी पर
क्यों हो संताप हमारा क्या है
दावत-ए-इश्क़ को जाएज़ मानो
कर लो आलाप,हमारा क्या है
महफ़िले- हुस्न ग़नीमत कहिए
दीजिए थाप हमारा क्या है
कितनी दूषित है हवा शहरों की
लीजिए नाप हमारा क्या है
नापता दर्ज़ी है सीना सटकर
दीजिए माप हमारा क्या है
कुंभ अस्नान 'कॅंवल' मंगल हो
कीजिए जाप हमारा क्या है
सृजन - 10 फ़रवरी, 2025
फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन