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न चुप रह

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश 'कँवल'186
फ़ऊलुन
न चुप रह
न दुख सह
ख़ुशी की
कथा कह
उदासी
अलग रह
पहाड़ों
पे चल रह
सवेरे
की चहचह
बताओ
कहाँ वह
'कँवल' सुन
ग़ज़ल कह
10 अप्रैल,2022