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श्याम की टोली हो जा तू

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश ‘कँवल’280
दिल की रानी हो जा तू
आज किसी की हो जा तू
हल्की फुल्की हो जा तू
रात की मस्ती हो जा तू
शाम संवर नहीं पाती है
धूप सुनहरी हो जा तू
देह का बिज़नेस नेट पे है
तेज़ डिलिवरी हो जा तू
मैं एक मूरत बन जाऊँ
छेनी हथौड़ी हो जा तू
देश पकौड़े बेचेगा
ऐश की बस्ती हो जा तू
तुझको लोग दुआ देंगे
एक रुपल्ली हो जा तू
दारू बंद हुआ तो क्या
चाय की चुस्की हो जा तू
मैं बन जाऊं रिमोट सनम
चैनल जैसी हो जा तू
भीड़ है रोटी पानी की
हलवा पूरी हो जा तू
मज़दूरों के काम भी आ
बुर्ज हवेली हो जा तू
बैंक बनूं मैं पीएनबी
नीरव मोदी हो जा तू
बरसाने में मस्त 'कंवल'
श्याम की टोली हो जा तू
सृजन : 27 फ़रवरी 2018