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पहरे मंदिर पर देखो

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश 'कँवल'198
फ़ैलुन फ़ैलुन फ़ैलुन फ़े
पहरे मंदिर पर देखो
ईश्वर में भी डर देखो
झूठ मगन है झूले पर
सच पर है ख़ंजर देखो
अब हनुमान जुलूस पे भी
बरस रहे पत्थर देखो
खौफ़ दिलों में भरने को
सड़कों पर लश्कर देखो
अफ़वाहों से शहर गली
वहशत का मंज़र देखो
बाहर ख़ून ख़राबा है
चर्चा में कुछ घर देखो
सरकारों ने खोल दिया
राहत का दफ़्तर देखो
साज़िश करने वालों की
छत पर हैं पत्थर देखो
सुधरेंगे ये लोग 'कँवल'
दिल में भर कर डर देखो
17 अप्रैल, 2022