Back to List

पलक झुका कर हामी भर

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश 'कँवल'197
फ़ैलुन फ़ैलुन फ़ैलुन फ़े
पलक झुकाकर हामी भर
जिंदा रह, मुझ पर मत मर
दफ़्तर के दरवाज़े पर
टेंशन छोड़ के, आओ घर
मंडी में ख़ुशबू फैली
कुछ इमान का सौदा कर
इंटरनेट बहुत स्लो है
चल मेरे संग, चल बाहर
रब से मैंने मांग लिया
मांग ले तू भी मुझ-सा वर
बहुत दिखावा, नेकी कम
उठ ! चुपचाप न बैठा कर
अहले-वतन की मौज 'कँवल'
फ़ौज की गश्ती के दम पर