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नाम यश डिग्री पता मान गए

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश 'कँवल'191
फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन/ फ़इलुन
नाम यश डिग्री पता मान गए
रफ़्ता रफ़्ता सभी पहचान गए
सुल्ह करते हुए दिन बीत गया
रात के पिछले पहर मान गए
पहले हर बात पे जिच होती थी
अब अना ज़िद सभी तूफ़ान गए
यूँ तो वो पास ही होते हैं मेरे
पर मेरे दिल के वो अरमान गए
किसकी हस्ती रही क़ायम हर दम
एक से एक थे सुलतान गए
जो भी वादे किये फ़र्ज़ी निकले
सारे हुक्काम के ऐलान गए
जिनकी सुहबत में संवरती थी ख़ुशी
कैसे- कैसे यहाँ इंसान गए
फूल बरसाते थे जो रहमत के
रास्ते छोड़ के सुनसान गए
अब ज़ियादा न दिलासे दे 'कँवल'
जिंदगी हम तुझे पहचान गए